Wednesday, November 5, 2025

नशीली आँखों से
तुम मुझे देखती हो
आँखों से मुझे तुम
अपना बना लेती हो
दुनिया को भुला कर तुम
आग़ोश में मुझे छुपा लेती हो
ये कैसी उलझन हुई
जो सुलझती नहीं मुझसे
उलझता हूँ तुमसे
फिर भी उलझता नहीं
साँसे तेज हुई जा रही
और धड़कन करती शोर
थाम ले मुझे अब तू
मुझ पे कहां मेरा जोर

#शांडिल्य

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