मुस्कुरा के सदा घर से निकला करें
खुशियां देनी खुशबू उड़ाया करें।
आज महका खिला कल भी महका रहे
दिल को शुक्राने में झुकाया करें।
धड़कनें साज छेड़े मुहब्बत का फिर
सांसों में खुशबू अपनी मिलाया करें।
आंखें हंसती रहें चेहरा खिलता रहे
दिल को अब अपने ऐसे सजाया करें।
#शांडिल्य
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