Friday, November 28, 2025

महक जाऊं तेरी जिंदगी के हर खुशनुमा लम्हे में 
काश मैं तेरे हाथों की मेहंदी में रचा बसा होता

धड़क जाता दिल मेरा तेरे आने की आहट से
काश मैं तेरे पैरों की पायल सी झंकार होता

खनकता रहता तेरे दिल मे हर पल हर लम्हा
काश बन के हरी चूड़ियां मैं तेरी कलाई में होता

#शांडिल्य

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