महक जाऊं तेरी जिंदगी के हर खुशनुमा लम्हे में
काश मैं तेरे हाथों की मेहंदी में रचा बसा होता
धड़क जाता दिल मेरा तेरे आने की आहट से
काश मैं तेरे पैरों की पायल सी झंकार होता
खनकता रहता तेरे दिल मे हर पल हर लम्हा
काश बन के हरी चूड़ियां मैं तेरी कलाई में होता
#शांडिल्य
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