Monday, December 8, 2025

सुनो प्रिय

एक बार प्रिय तुम 
आ जाना,
मधुर मिलन को आतुर है मन,
अधरों की मुस्कान 
जगा जाना,

बंधन मन का आलिंगन हिय का,
प्रेम सुधा बरसा जाना,
एक बार प्रिय तुम आस 
जगाने आ जाना,

बाट निहारु सदा तुम्हारी,
अपलक सजल नैनो से,
आंसू का एक मोती बनकर
प्रेम स्पर्श दे देना,

#शांडिल्य

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