Monday, February 2, 2026

ए सुनो…

सातवें फेरे का वह क्षण—
जहाँ समय भी धीरे-धीरे सांस लेता है,
हवा में सिर्फ़ तुम्हारी खुशबू है,
और मेरी धड़कन में सिर्फ़ तुम्हारे नाम की आहट।
साड़ी की लहर में झिल मिलाता चाँद,
माथे की बिंदी में बसता सवेरा,
मांग का कुमकुम हमारे वादों का लालिमा युक्त साक्षी... 
और हाथों की गरमी “दो आत्माओं का अनंत मिलन”।
अब हम केवल दो नहीं,हम एक हैं
एक ऐसी धुन में बँधे हुए,
जिसे समय ही नहीं, सिर्फ़ प्रेम ही समझ सकता है।

#शांडिल्य

Sunday, February 1, 2026

मुझे फ़क़त "समझदार" कहकर फिर समझाया जाएगा,
मुझे विदित है मेरे 'भाग्य-पत्र' में फिर से "समझौता" आएगा।। 

#शांडिल्य