Tuesday, February 24, 2026

हे ईश्वर ~
मुझे ऐसा जीवन अर्पित कर,
कि उसके संग बिताया हर क्षण 
मेरी आत्मा और मन के लिए अनंत हो जाए —

ना उसकी हँसी देखे बिना मेरी प्राणधारा ठहरे,
ना उसके बिना जीने की 
कोई मानसिक या आध्यात्मिक वजह बचे......

मेरा मन स्थिर और सन्तुलित हो,
उसके प्रेम में मेरी चेतना 
हर पल गहराई से जुड़ी रहे।

मेरी सोच,
मेरी संवेदनाएँ, मेरी आत्मा —
सब उसके प्रकाश और 
प्रेम में विलीन हो जाएँ। 

#शांडिल्य

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