सुनो.....
भाग्यवान,
प्रेम में कोई क्षणभंगुर फूल नहीं दूँगा,
बस एक ऐसा फूल अर्पित करूँगा,
जो साधारण हो,
परन्तु अनन्त की महक लिए हो।
ठीक वैसे ही,
जैसे मेरी आत्मा तेरी चेतना में
विलीन होना चाहती है,
तेरी कटि को थामना नहीं,
तेरे अस्तित्व को अपने अन्तर्मन में
धारणा करना चाहती है..
क्योंकि तू केवल मेरी इच्छा नहीं—
तू मेरी प्रार्थना है,
मेरा मंत्र, मेरा मोक्ष।
#शांडिल्य
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