ओए सुनो ~
तुम्हारे साथ हर क्षण, एक दिव्य अनुभूति है…
जैसे समय अपने पंख समेट ले,
और अंतरिक्ष भी केवल एक फुर्तीली झिलमिलाहट बने।
तुम्हारे आलिंगन में सारी सीमाएँ, सारे बंधन,
रूह की गहराइयों में विलीन हो जाते हैं।
सिर्फ तुम और मैं,और वो अनन्त शांति
जो आत्मा के कोष में सदा प्रतिध्वनित होती है।
हर श्वास में तुम्हारा प्रतिबिंब,
हर धड़कन में तुम्हारा सुकून।
तुम केवल कोई अस्तित्व नहीं,
तुम मेरी रूह का परम अनुभव हो।
#शांडिल्य
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