Saturday, May 16, 2026

"``माँ वह पवित्र बग़ीचा है``" 
जहाँ हमारे डर और थकान के 
छोटे-छोटे फूल धीरे-धीरे खिलते हैं।

उसकी ममता की छाँव में
हमारा मन शांत और 
सुरक्षित महसूस करता है।

पत्नी वह हल्की धूप है 
जो हमारे जीवन की राह में
आनंद,रोमांस और उत्साह 
के फूल खिलाती है। 

उसकी मौजूदगी में...
हमारा हृदय गहराई से धड़कता है,
और जीवन की हर रोज़मर्रा की थकान
स्नेह और चाहत की मिठास में बदल जाती है।

माँ हमें सुरक्षा और स्थिरता सिखाती है,
पत्नी हमें जीवन की खुशी 
और भावनाओं की गहराई।

दोनों के संग, हमारा मन और आत्मा
पूरा, संतुलित और जीवंत महसूस करते हैं।

#शांडिल्य

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