Wednesday, May 20, 2026

तुम जब से मेरी ज़िन्दगी में आई हो,
मेरे भीतर की दुनिया बदल गई है।
जहाँ तुम गुजरी हो,
वहाँ सिर्फ फूल ही नहीं,
मेरे अन्दर के डर,
मेरी उलझनें भी धीरे-धीरे पिघल गई हैं।

मेरी आँखों की नदियाँ,
जो कभी अपने ही ग़म में बहती थीं, 
तुम्हारे स्पर्श से शान्त हो गईं। 
और अब हर आँसू मेरे भीतर की 
ख़ुशी की दास्तान कहता है।

तुम मेरी प्रेमिका हो,
लेकिन उससे भी बढ़कर
तुम मेरे मन की स्थिरता हो,
मेरी मानसिक दुनिया की वह शांति 
जो सिर्फ तुम्हारे साथ महसूस होती है। 

तुम्हारी हँसी मेरे लिए थेरैपी है,
तुम्हारी आँखों में मेरी चिंताएँ घुल जाती हैं,
और हर पल तुम्हारे पास रहना 
मेरे मानसिक स्वास्थ्य का 
सबसे बड़ा सहारा बन गया है। 

#शांडिल्य

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