Friday, June 26, 2026

...सुनो ~

तुम्हारी बाहों मे एक
अनकही सी ,
मौन शांति मिलती है ,

जैसे वर्षो से भटकता
मन , अनंत अपना
ठिकाना पा गया हो 

ईंटों और दीवारों से
बने घर मात्र
आश्रय देते हैं ,

किन्तु तुम्हारा आलिंगन
मुझे स्वयं के होने
की अनुभूति कराता है 

#शांडिल्य

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