Saturday, August 2, 2014

दोस्तो के लिए दोस्ती की सौगात होगी,
नये लोग होंगे नयी बात होगी,
हम हर हाल मे मुस्कुराते रहेंगे,
आपकी प्यार भरी दोस्ती अगर यूँही साथ होगी.


तूफानों से आँख मिलाओ, सैलाबों पे वार करो,
मल्लाहों का चक्कर छोड़ो, तैर के दरिया पार करो
फूलों की दुकाने खोलो, खुशबू का व्यापार करो,
इश्क ख़ता है, तो ये ख़ता इक बार नहीं सौ बार करो


Friday, August 1, 2014

कभी तो आसमां से चाँद उतारे जाम हो जाए
तुम्हारे नाम की इक खूबसूरत शाम हो जाए
उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो,
ना जाने किस गली में ज़िंदगी की शाम हो जाए


इक ज़ख्मी परिंदे कि तरह जाल में हम हैं
ए इश्क अभी तक तेरे जंजाल में हम है
हंसते हुए होठों ने भरम रखा हमारा ,
वो देखने आया था किस हाल में हम है


ये ज़िन्दगी का मुसाफ़िर, ये बेवफ़ा लम्हा,
चला गया, तो कभी लौटकर न आएगा ।
अपने अंधेरों का 
इलाज ख़ुद  करो,
कोई चराग़ जलाने इधर न आयेगा ।


हर कोई हर किसीका यार नही होता,
हर दोस्त वफादार नही होता,
यह तो दिल मिलने की बात है,

वर्ना सात फेरो मे भी प्यार नही होता ।

जहां में कौन किसी को क्या देता है , 
आदमी तो फक्त बहाना है खुदा देता है;
वो देगा जहन्नुम भी तो करूंगा शुक्र अदा, 
कोई अपना समझ कर सजा देता है.