Sunday, December 21, 2014

तेरी कसम हम को तेरी यादें बहुत आती है
हमे हर पल सताती है
अब तो नहीं लगता दिल हमारा
तुम्हारे बिन अब हर धड़कन रुलाती है

जगाया उन्होंने ऐसा की आज तक सो ना सके ,
रुलाया उन्होंने ऐसा की सबके सामने रो भी ना सके ,
जाने क्या बात थी उनमे ,
जबसे माना उन्हें अपना तबसे किसी के हो ना सके

'प्यार'
सच है
सबकुछ है
बहुत खूबसूरत होता है
अगर वो खूबसूरत नहीं तो भी
सबसे खूबसूरत ही लगता है
तर्क नहीं चलते
जिसे चाहता है दिल
आंखें ढूंढती हैं
मन पहचान लेता है
मन जानता है
कहां है वो ?
और कदम ख़ुद-ब-ख़ुद चल पड़ते हैं वहां ।।

तुम्हे जब मुझ से ज्यादा गैर प्यारें हैं,
फिर मेरी याद मे तुम तडपती क्यो हो,
तुमने ही पावंदी लगाई है मुलाकातो पर,
फिर अब राहें मेरी तुम तकती क्यों हो.

Friday, December 19, 2014

पत्थर से दिल लगा कर बर्बाद हो गए,
दिल शाद था मगर अब नाशाद हो गाए,
जिनके वफाओं पर ऐतबार था 'आज़ाद',
करके हमे तबाह वह खुद आबाद हो गए।

वक्त के साथ हालात बदल जाते हैं,
अपनो तक के ख्यालात बद्ल जाते हैं,
जब बुरा वक्त आता है 'प्यारे'
खुद अपने ही ज़्ज़बात बदल जाते हैं.

कोई गम नही एक तेरी जुदाई के सिवा,
मेरे हिस्से मे क्या आया तन्हाई के सिवा,
मिलन की रातें मिली, यूँ तो बेशुमार,
प्यार मे सबकुछ मिला शहनाई के सिवा