Saturday, August 8, 2015

कभी अपनी धुन में खोया रहा
और कभी तुम्हारी यादों में
कभी तुम्हे बातों में खोया रहा
तो कभी अधूरे ख्वाबों में
शायद एक ही चीज मुझे आती है
.........
खोना.......
पहले खुद को और फिर तुम्हे
और फिर शायद जीने की वजह भी
जानता हूँ अब कुछ भी नहीं है मेरे पास
...................................
पर जाने क्यों लगता है मैं अभी भी....
शायद अभी भी.... कुछ... खो रहा हूँ......

Friday, August 7, 2015

जब थे जिंदा तो नहीं था हमारे लिए,
किसी के भी पास दो पल का वक़्त,
और आज ये जनाजे में भीड़ बढती जा रही है,
दो कदम भी कोई साथ ना चला,
और आज चार कांधे उठाये जा रहे हँ,
जिंदगी भर ढूंढ़ते रहे अपनों में अपनों को,
और आज ये इतने अनजाने भी अपने हँ,
हंसकर बात करने का वक़्त नहीं था इनके पास,
और आज याद में हमारी सब बेसुध हो रहे हँ,
ए मौत आज दिल से तुझको है हमारा सलाम,
हम तो उम्र भर रोते रहे इस जिंदगी के लिए,
जिंदगी से तो ये मौत ही भली लगती है आज,
जो अपने हँ बस हमारे ही पास बस पास.

वो मेरा ही काम करेंगे जब मुझको बदनाम करेंगे
अपने ऐब छुपाने को वो मेरे क़िस्से आम करेंगे

क्यों अपने सर तोहमत लूं मैं वो होगा जो राम करेंगे
दीवारों पर खून छिड़क कर हाक़िम अपना नाम करेंगे

हैं जिनके किरदार अधूरे दूने अपने दाम करेंगे
अपनी नींदें पूरी करके मेरी नींद हराम करेंगे

जिस दिन मेरी प्यास मरेगी मेरे हवाले जाम करेंगे
कल कर लेंगे कल कर लेंगे यूँ हम उम्र तमाम करेंगे

सोच-सोच कर उम्र बिता दी कोई अच्छा काम करेंगे
कोई अच्छा काम करेंगे खुदको फिर बदनाम करेंगे !!

तुमसे मिल के खुशी का कोई ठिकाना नहीं होता,
तेरे दिल के सिवा मेरा कहीं आशियानां नहीं होता,
ये दुबारा मिलना कि उम्मीद है जो मुझे जिन्दा रखती है,
वरना तुझसे बिछड के जीने का कोई बहाना नहीं होता|

Thursday, August 6, 2015

दिल में दर्द दबाने की
आँखों में नमी छुपाने की
हर कोशिश कर के हार गए
हम तेरी याद भूलाने की

तेरी चाहत में हमने
हर दर्द को समझा थोड़ा था
उस रोज बिखर गए टूट के हम
जब तुमने भी भी मुंह मोडा था
रोते रहे थे रात भर
बाकी फिर भी समंदर था
जाने कितना दर्द अभी भी
इस सीने के अंदर था

फिर आदत हो गयी दिल को
वक़्त गम के साथ बिताने की
हर कोशिश कर के हार गए
हम तेरी याद भूलाने की

हर कोई हर किसी के लिये इतना खास नहीं होता,
हर कोई हर किसी के इतना पास नहीं होता,
क्यों सोचता हूँ मै तुझे हर पल, हर वक्त,
क्या इससे भी तुझे कुछ एहसास नहीं होता |



हालातो ने सुनहरे ख्वाब खोने ही नहीं दिया,
उन इश्क यादों ने फिर कभी सोने ही नहीं दिया,
उम्र गुजार देते उनके साथ बिताये कुछ लम्हों के सहारे,
पर किस्मत ने हमें साथ जी भर के रोने भी नहीं दिया|