वो मिले हमकोकहानी बनकर, दिलमे रहे प्यार की निशानी बनकर, हम जिन्हे
जगह देते है आँखोके अंदर वो अक्सर
निकल जाते है अश्क बनकर…
Thursday, December 3, 2015
दिल की आवाज़ को इज़हार कहते हैं, झुकी निगाह
को इक़रार कहते हैं, सिर्फ़
पाने का नाम इश्क़ नहीं, कुछ खोने
को भी प्यार कहते हैं
·इश्क का दर्द चाहत
से ज्यादा और कोई नहीं जानता
·उसकी हर खामोशी का
राज इबादत से ज्यादा और कोई नहीं जानता
·हर सजदे मे मांगा
है जिसे ये बात
उस मोहब्बत
से ज्यादा और कोई नहीं जानता
Wednesday, December 2, 2015
मैं डूबा तो किनारे पे खड़ी थी दुनिया,हसने वालों मे मेरा मुक़द्दर भी शामिल था… रो रहा था
जो जनाज़े से लिपटकर मेरे, कैसे कह दू
के वही मेरा क़ातिल था….
Tuesday, December 1, 2015
इश्क की बेमिसाल मूरत हो आप, मेरी
ज़िंदगी की एक ज़रूरत हो आप, फूल तो
बहोत प्यारे होते ही हे, पर फूलो से
भी बहोत खूबसूरत हो आप.
अगर पत्थर के सिने मे भी कोई दर्द ए दिल होता किसी शीशे
को ये तोड़े, कभी मुमकिन
नही होता मसीहा ने
जमाने को सिखाया राह पे चलना मगर दुनिया
मे कोई सच्चा मुसाफिर नही होता.
धूप तेज़ है पास साया भी नही , दर्द ऐसा
हे की रोना आया भी नही , तेरे सिवा किसिको मैने अपना माना ही नही , क़यूंकी किसिकों आप जेसा रब ने बनाया ही नही,