Thursday, January 7, 2016
न हम उनसे मिलते न प्यार होता!
ज़िन्दगी जो अपनी थी वो परायी न होती!
तरसते थे जो मिलने को हमसे कभी!
आज वो क्यों मेरे साए से कतराते हैं!
Wednesday, January 6, 2016
महक कम न हो कभी दोस्ती में!
प्यार ऐसा हो जो मिलने को मजबूर करे!
काश यह जालिम जुदाई न होती!
ऐ खुदा तूने यह चीज़ बनायीं न होती!
दिल के टूटने से नही होती है आवाज़
,
आंसू के बहने का नही होता है अंदाज़
गम का कभी भी हो सकता है आगाज़
,
और दर्द के होने का तो बस होता है
एहसास
|
जब तन्हाई मैं आप की याद आती हैं!
होंठो पर एक दुआ आती हैं!
खुदा आप को दे हर ख़ुशी!
क्योंकि आज भी हमारी हर ख़ुशी आपके बाद आती हैं!
Tuesday, January 5, 2016
वक़्त नूर को बेनूर बना देता है!
छोटे से जख्म को नासूर बना देता है!
कौन चाहता है अपनों से दूर रहना
पर वक़्त सबको मजबूर बना देता है!
वफ़ा के नाम से वोह अनजान थे!
किसी की बेवफाई से शायद परेशान थे!
हमने वफ़ा देनी चाही तो पता चला!
हम खुद बेवफा के नाम से बदनाम थे!
हर शाम कह जाती है एक कहानी !
हर सुबह ले आती है एक नई कहानी !
रास्ते तो बदलते है हर दिन लेकिन !
मंजिल रह जाती है वही पुरानी !
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