Friday, May 7, 2021

 है यकीन तुम पर खुद से ज्यादा 

करते है भरोसा तुम पर खुद से ज्यादा 


नही छोङोगे ये साथ चाहे 

दौर हो मुश्किल कितना

करते है विश्वास खुद से ज्यादा 


राह मे आये चाहे तुफा कितने

हो चाहे कांटो भरे सब रास्ते

कर लेंगे हर दरिया पार 

जब तक तुम हम_संग_है 


---- सुनिल शांडिल्य

Thursday, May 6, 2021

 सुकून है राहत है तेरे अल्फाज़ो मे

जिन्दगी की बात है तेरी बातों मे


ख्वाहिश है अरमान है तेरे हर शब्द मे

तमन्नाओं की मुस्कान है तेरे हर नगमे मे


मै हो जाता हूँ भाव-विभोर सुनकर

जब गीत नया तुम गाते हो


---- सुनिल शांडिल्य

Wednesday, May 5, 2021

 तुम न पढ़ो आज कोई गम नही

इतने काबिल लेखक हम भी नही


में भी लफ्ज़ो को देता विराम नही

निःशब्द हो लिखना गुनाह तो नही


माना लफ्ज़ो में मेरे दिखती जान नही

मगर अहसासों की बानगी भी कम नही


कभी में पढ़ता यहा कोई किताब नही

मगर लिखता हूँ वो अहसासों से बाहर नही

Tuesday, May 4, 2021

 मिल कर तुमसे  मुझे

नये तराने मिले हैं


तेरी_मेरी_कहानी में हमको देखो

दोस्ती के खजाने मिले हैं


हर दिन हुआ सुहाना रात हुई रोशन

जीवन को मायने मिले हैं


कट जायेगी उम्र सारी अपनी साथ साथ

दो दोस्त जब पुराने मिले हैं 


----- सुनिल शांडिल्य

Monday, May 3, 2021

 यकीन रख तेरा यकीन 

बरकरार रखूंगा


जीवन की आखिरी सांस तक 

तुझे पास रखूंगा


तुझ पर भरोसा किया है आंख बंद कर

तेरे लिये दिल में ऐहसास रखूंगा


सूरज निकले पश्चिम से निकलता रहे

मैं तो तुझपे विश्वास रखूंगा


----- सुनिल शांडिल्य

Sunday, May 2, 2021

 अब तो जीवन की राहें भी महकती हैं

जब से साथ तेरा पाया है


तुमसे मिल के मंज़िल की तमन्ना ना रही

रास्तों का लुत्फ हमने उठाया है


दिल जो भटका कड़ी धूप में तो एहसास हुआ

सबसे हसीं तेरी ज़ुल्फ़ों का साया है


अब चढ़े दिल पे तेरे रंग हैं

जब से तुम मेरे हम_संग_हैं


---- सुनिल शांडिल्य

Saturday, May 1, 2021

 मंज़िल के बहुत करीब हैं

अब हाथ ना छूटेगा 


सफर चन्द कदमों का है बाकी

तेरा साथ ना छूटेगा


रूह से रूह का हुया है मिलन 

अब कोई वादा ना टूटेगा


ले ली पतवार तेरे जीवन की हाथों में

अब कोई लुटेरा क्या लूटेगा


----- सुनिल शांडिल्य