Saturday, July 10, 2021

 मैं लिखता हूँ,की तुम पढ़ोगी

शब्द रचूंगा गीत बनूँगा

हर राह सुनाया जाऊंगा


हर बार जब कोई पूछेगा मेरे होने का सबब

कुछ न कहूँगा लिखूंगा,जवाब बन जाऊंगा


मेरा इज़हार एक ग़ज़ल होगी

मेरा इनकार एक नज्म होगी


मैं जीता हूं,रोज मरने के लिए

मौत के बाद एक ख़त सा पढ़ा जाऊंगा ।


---- सुनिल शांडिल्य

Friday, July 9, 2021

 सर्दियों की ओस में

तेरी साँसों की चादर चुरानी हैं


आसमां अलग हैं सपनों का,

बादल पर दुनिया बसानी हैं


नया है ये नशा जो चढ़ा तेरा,

फ़ैली हर ओर रूत सुहानी है


कहाँ हो तुम ??

की,आ जाओ मेरी आगोश में ,


ओ मेरे हमसफ़र ,

मिश्री सी घुलती ये हमारे प्यार की निशानी है ।


---- सुनिल शांडिल्य

Thursday, July 8, 2021

 ना मैं कोई शायर ना कवि


लिखता हूं मन के भाव

अपनी प्रेयसी की जुदाई

उसका प्रेम♥️


उन अनमोल पलों से रचता हूं 

शब्दों का ताना बाना

पिरोता हूं उसे एक माला मे


लोग कहते फ़ालतू क्या क्या

उन्हे कैसे बताऊं


मै उनके लिए नही

सिर्फ तेरे लिए लिखता हूं

हमारी कहानी है ये


---- सुनिल शांडिल्य

Tuesday, July 6, 2021

 शायरी नही जज्बात लिखता हूं

मै महफिलों मे भी

तेरा ही नाम लेता हूं


चाह न थी हमारी

शायर बनने की

इश्क ने बना दिया


तुम्हें चाहा था हमने

तुमने ही सीखा दिया 


कैसा हूं कौन हूं

ये शब्दो में लिखता हूं


मै आज भी

अधूरी कहानियां लिखता हूं


हर कहानी में किरदार

अपने साथ तुम्हारा लिखता हूं ।। 


---- सुनिल शांडिल्य

Monday, July 5, 2021

 ये जो तुम्हारी पांव की पाजेब है

छनकती कम बहकाती ज्यादा है


जब भी इसकी सुर लहरी

कानों में गूंजती है


सोचता हूं थाम लूं ताउम्र के लिए,

तुमसे बिछड़ने का डर चुभता बहुत है 


अब आ जाओ पहलू में गर भरोसा  है तो..

दाग नहीं लगाऊंगा ताउम्र साथ का वादा है ।


---- सुनिल शांडिल्य

Sunday, July 4, 2021

 गर छोड़ दूँ कलम तो 

अपनी यारी मर जायेगी


और छोड़ दूँ तेरी यारी को 

तो मैं मर जाऊँगा


तेरे सिवा कौन है दोस्त मेरा

बता मैं कहाँ जाऊंगा


तेरे से दिल खोल के बातें की हैं

किसी से क्या कह पाऊंगा


रँगा दिल मेरा तेरी दोस्ती के रंग है

जब से तू मेरे संग हैं


---- सुनिल शांडिल्य

Saturday, July 3, 2021

 तुम बन जाना ग़ज़ल मेरी

मैं तेरा इक अल्फ़ाज़ बनूं


तुम बन जाना क़रार मेरा

मैं तेरे दिल का सुकून बनूं


तुम बन जाना ख़्वाब मेरा 

और मैं तेरी निगाह बनूं


तुम बन जाना मन्ज़िल मेरी

मैं तेरा राही बनूं


---- सुनिल शांडिल्य