Sunday, July 5, 2015

दूरियां यु ही बढती गई, नजदीकियां ख़तम होती गई,
हम सोचते ही रह गए, हमसे क्या खता हुई,
वो साथ जीने की कसमे, वो साथ चलने की रस्मे,
वो भूल जायेंगे इक दिन, ये न सोचा था हमने...!!!

Saturday, July 4, 2015

आपकी पलकों पर रह जाये कोई!
आपकी सांसो पर नाम लिख जाये कोई!
चलो वादा रहा भूल जाना हमें!
अगर हमसे अच्छा दोस्त मिल जाये कोई!

एक दिन हमारे आंसूं हमसे पूछ बैठे!
हमे रोज़ - रोज़ क्यों बुलाते हो!
हमने कहा हम याद तो उन्हें करते हैं 
तुम क्यों चले आते हो!

तुझे देखे बिना तेरी तस्वीर बना दू
तुझे मिले बिना तेरा हाल बता दू
है मेरी दोस्ती में इतना दम
की तेरी आंख का आसू अपनी आँख से गिरा दू

Thursday, July 2, 2015

मै ही थाम लू हाथ उनका
मुझे इतनी इबादत दे दो
वो रह न सके एक पल भी मेरे सिवा
खुदा तू उनको ये मेरी आदत दे दो.............

ग़मों का बोझ उठाते रहे उम्र भर
फिर भी कभी चंद पल हंस लिये,
अपने सफर पर डालते हैं जब अपनी नज़र
लगता है कि बस वही पल हमने जिये।

प्यार का एहसास कितना सुहाना होता है,
न इसमें कोई जगता है न सोता है;
ये तो वो रिश्ता है,
जो सिर्फ दो दिलों के मेल से बनता है|