Thursday, May 2, 2024

अक्षरों से कुछ सीखें कैसे निभाते हैं साथ
पाकर नजदीकियां समझाते हैं अपनी बात।

अक्षर टूटकर शब्दों से जब रूठने लगते हैं
भाव अधूरे रह जाते उलझ जाते जज़्बात।

दिल से निकले शब्द नया इतिहास रचते हैं
यही शब्द मरहम बनते कहीं करते आघात।

~~~~ सुनिल #शांडिल्य

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