Sunday, May 5, 2024

हरिक हाल दिल का बताती हैं आँखें
दिलों को दिलों से मिलाती हैं आँखें

जो कल तक गुज़रती थीं नज़रें बचा कर
वो छुप छुप के हमसे लड़ाती हैं आँखें

ज़रा मुस्कुरा कर जो देखा पलट कर
अजब दिल में हलचल मचाती हैं आँखें

समझदारी चलती नहीं इनके आगे
उतर कर ये दिल में नचाती हैं आँखें

~~~~ सुनिल #शांडिल्य

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