Friday, January 3, 2025

हर बात याद आयेगी जब जब याद करोगे,
हर मौज ठहर जायेगी वक्त पे एतबार करोगे।

ताउम्र रिश्ता आखिर यहाँ निभाता है कौन,
दुनियाँ की सच से हो वाकिफ हैरत न करोगे।

गम हजारों दुनियाँ में अपने भी पराये भी,
किसी की 'रूह' को छू लो तो महसूस करोगे।

~~~~ सुनिल #शांडिल्य

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