Saturday, May 17, 2025

नज़ाकत भरी है अदा आपकी,
हिफ़ाज़त करे अब ख़ुदाआपकी।

पिए बिन नशा हो रहाआज तो,
निगाहें बनी मयकदा आपकी।

हज़ारों नज़र ख़ूबसूरत मगर,
अदाएँ सभी से जुदा आपकी।

भुलाना नहीं ज़िंदगी में कभी,
हमें चाहिए बस रज़ा आपकी।

#शांडिल्य

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