Tuesday, May 20, 2025

मेरे तुम्हारे दरमियां 
कैसे कहूँ कोई रिश्ता नहीं, 
जब भी लिखता हूँ, 
कलम से बयां तुम हो जाती हो,
रूह से महसूस होती हो मुझे, 
हर वक्त हर लम्हे में, 
कैसे कहूँ तुम्हे, 
तुम मेरी कुछ भी नहीं... ....??💞

#शांडिल्य

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