Thursday, May 22, 2025

एक चांद है आसमान में
दूसरा बाहों में मेरी..

एक घटा भादो के बादल
दूसरा जुल्फों में तेरी..

एक भूलभुलैया आँखो में मेरी
दूसरा आंखों में तेरी..

एक नशा गालिब की ग़ज़लें
दूसरा बातों में तेरी.....!!!!

#शांडिल्य

No comments:

Post a Comment