Saturday, May 24, 2025
तू ही सुकून,तू ही आदत है मेरी,
तुझसे मेरी हर ख़ुशी,तू ही राहत है मेरी.!
जिसे कभी खो न सकूँ...
तू वो चाहत है मेरी...!
अब न कोई ख़्वाहिश बची है.
तू दुआ में मिली सबसे बड़ी इबादत है मेंरी.!
#शांडिल्य
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