Sunday, May 25, 2025

खास नही कुछ भी यहा
सब छूट जाना ही है यहा
फिर काहे सोचे इतना यहा
रह जाना है जब सब यहा

सोच-सोच क्यो कुंठाये यहा
प्रकृति का सिर्फ सब है यहा
मूल प्रकृति अपनी जाने यहा
यही उद्देश्य जीवन का है यहा

#शांडिल्य

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