Tuesday, May 27, 2025

हसीन ख्वाबों सी मुकम्मल 
हकिकत तू मेरे जिंदगी की

मुलाकात भले ही मुमकिन नहीं
मगर जुड़े हुए हैं दिल से दिल ए हमनशीं

यादों पर पहरे तेरे अक्स के सभी
ओर जहन में तेरा नूर आफरिन

मुलाकातें तुम से ख्वाबों में रोज की
ओर नींद से दुश्मनी हमारे हर सुबह की

#शांडिल्य

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