हसीन ख्वाबों सी मुकम्मल
हकिकत तू मेरे जिंदगी की
मुलाकात भले ही मुमकिन नहीं
मगर जुड़े हुए हैं दिल से दिल ए हमनशीं
यादों पर पहरे तेरे अक्स के सभी
ओर जहन में तेरा नूर आफरिन
मुलाकातें तुम से ख्वाबों में रोज की
ओर नींद से दुश्मनी हमारे हर सुबह की
#शांडिल्य
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