Saturday, June 21, 2025

मिलने के लिए मुलाक़ात-ज़रूरी तो नहीं।       
भीगने के लिए बरसात-ज़रूरी तो नहीं ।।

रौशन तेरे ख़यालों से है  दुनिया मेरी, 
रोशनी के लिए चाँदनी रात-ज़रूरी तो नही।

रूह से रूह का रिश्ता है - टूटेगा नही, 
अब हर रिश्ते में बारात -ज़रूरी तो नही ।

#शांडिल्य

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