प्रेम की असीमता तुम्हें स्पर्श करती हुई
मेरे रोम रोम को भिगो रहीं हैं
मन के भाव शांत तुमसे आबद्ध
हृदय का आलिंगन कर रहीं हैं
मुक्त स्वर से अपने नाम में
सदा तुम्हें पुकार रहीं हैं
जीना है एक जिंदगी जहां संग तुम हो
मेरी एक यात्रा है जिसका अंत तुम हो
#शांडिल्य
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