कुछ न कहा कभी आपने, हमने फिर भी सुन लिया ।
इन हजारों चेहरों में, एक तुम्हें बस चुन लिया ।।
आपके खातिर हम जिए, आपके खातिर ही मरे।
हमने कुछ सोचा ही नहीं, दुनिया से अलग हम क्या करें।।
फूल कई हैं गुलशन में, एक तुम्हें बस चुन लिया ।
कुछ न कहा कभी आपने, हमने फिर भी सुन लिया ।।
#शांडिल्य
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