Sunday, July 6, 2025

आओ किसी का यूँही इंतजार करते हैं,
चाय बनाकर फिर कोई बात करते हैं!

उम्र सांठ की हो गई हमारी,
बुढ़ापे का इस्तक़बाल करते है!

कौन आएगा अब हमको देखने यहां,
एक दूसरे की देखभाल करते है!

जिंदगी जो बीत गई बीत गई,
बाकी बची मैं फिर से प्यार करते हैं!

#शांडिल्य

No comments:

Post a Comment