Sunday, August 10, 2025
इन्द्रधनुष के रंगो सी है बचपन की वो यादे
नहीं लौट कर आना चाहे कर लें कितनी फरियादें।
गिल्ली डंडा आइस पाइस, पोसम पा का खेल
पल में झगड़े पल में कर ले, अपने साथी से मेल।
धूप की चिन्ता ना वर्षा की ,और न सर्दी डराए
मन चंचल भौरा बन देखो, हर पल उड़ता जाए।
#शांडिल्य
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