सभी राधा मोहन को मिलती कहाँ हैं।
किस्मत सभी की चमकती कहाँ है।
मोहब्बत की कश्ति भटकती भंवर में,
सभी नाव साहिल पे लगती कहाँ है।
कहानी रवानी की,दरिया उमर की,
ये फानी जवानी ठहरती कहाँ है।
जी भर के इकरार इजहार करलो,
सफर में मोहब्बत के मंजिल कहाँ है।
#शांडिल्य
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