Monday, November 10, 2025
जब चाहे देख लो
तुम्हारी याद में आँखों से
अश्क नहीं बहते है बस आत्मा की पिघलती है...
लिखना चाहता हूँं
तुम पर और अपने इश्क पर एक किताब...
पर कुछ ऐसे डूबे हैं
तुम्हारे खयालों में
कि एक लफ्ज भी नहीं लिख पाते...
#शांडिल्य
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