Friday, December 5, 2025

आ मिलो न तुम करो अपने प्रेम का तुम बारिश 
भींगे हम दोनों तृप्त हो उठे प्यासा तन।

करो तुम अपने प्यार की बारिश 
भींग सके हमारा अतृप्त मन।

मैं प्रेम का सागर दिलवर 
नदी बन तुम मुझमें समझाओ

जीवन में मेरे स्वागत है तुम्हारा 
मेरे प्यासे दिल ने तुझको है पुकारा। 

#शांडिल्य

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