Friday, June 5, 2026
सुबह की पहली #लफ़्ज़ों की बारिश...
"तेरी यादें
आज फिर सूरज से पहले जाग गईं —
न चाय बनी,
न अख़बार खोला,
बस तन्हा खिड़की पर बैठा रहा
जैसे कोई पुरानी चिट्ठी पढ़ता हूँ...
हर लफ़्ज़ में —
तेरा नाम भीगता रहा।"
---🩷💚
#शांडिल्य
No comments:
Post a Comment
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment