ए सुनो,
"दुनिया के अध्याय को समझने के बाद
जीवन क्षणिक लगने लगता है...
तुम कैसे हो ?......मै नहीं पूछूंगा"
क्योंकि ¿ मुझे पता है आपकी प्रत्युत्तर
तुम आज में उलझे हो,
और मैं आने वाले ``भविष्य`` कल में खोया हूं...
तुम्हारे और मेरे सफ़र में...
फर्क इतना सा ही है ....."!" बस ♥️
#शांडिल्य
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