Thursday, October 9, 2014

मोहब्बत में तेरी आज खुद को भुलाने को जी चाहता है
तुझे दुनिया से बचा के दिल में छुपाने को जी चाहता है
धडकनों में तो बसा लिया है तुझ को मैंने
अब तो तुझे अपनी साँसों में समाने को जी चाहता है ..

वेसे तो एक आंसू ही बहा कर मुझे ले जाये..!!
ऐसे कोई तूफ़ान हिला भी नहीं सकता..................!!
तू छोड़ रहा हे तो खता इस मैं तेरी क्या..........!!
हर शख्स मेरा साथ निभा भी नहीं सकता .........!!

इस कदर हम उनकी याद में खो गए!
कि एक नज़र देखा और बस उन्हीं के हम हो गए!
आँख खुली तो अँधेरा था देखा एक सपना था!
आँख बंद की और उन्हीं सपनो में फिर खो गए!

""किसी के प्यार में गहरी चोट खायी है ,
वफ़ा से पहले बेवफाई पाई है ,
लोग मांगते है दुआ इस हाल में मरने की मगर ,
हमने उनके ख्वाबो में जीने की कसम खायी है "

Wednesday, October 8, 2014

"दो पल के लिए अपनापन वो जताती है
उसी वक़्त हाल-ए-दिल भी बताती है
कसम खाते हैं मोहब्बत के पहलु में लेकिन
बेवजह वही फिर खून के आँसू रुलाती है"

आसमान के तारे अक्सर पुछते है हमसे,
क्या तुम्हे आज भी इंतज़ार है उसके लौट आने का...
और ये दिल मुस्कुरा के कहता है,
मुझे अब तक यकीन नहीं हुआ उसके जाने का !!!

पल हर पल मै तडपता रहता हूँ उसके लिए,
मरना चाहा भी तो सांसे उसकी सताने लगी
रोम रोम में बसी है उसके जिस्म की खुसबू ,
उसे दिल भर के चूमने की ख्वायिश आने लगी मै क्या बताऊ किस तरह से जी रह हूँ मै,
ऐसा लगता है मौत की आहट मुझे सताने लगी
मै खफा हूँ उससे वो खफा है मुझसे,
फिर ना जाने क्यों ये आखें मुझे रुलाने लगी