रूठ जाये एक जो इक पास होना चाहिए
हरघड़ी जीवनमें कोई आस होना चाहिए
प्यार भी होता मुक़म्मल एक तरफा कब यहाँ
इश्क़ का दोनों तरफ एहसास होना चाहिए
देखते ही ठहर जाए चंचला सी ये नज़र
भीड़ में कोई तो चेहरा ख़ास होना चाहिए
हर तरफ है रोशनी त्योहार के दिन आ गए
मन के कोने कोने तक प्रकाश होना चाहिए
#शांडिल्य