Sunday, July 19, 2026

तुम्हारी बातों में इक सुकून-सा मिलता रहा,
हर लफ़्ज़ दिल के ज़ख्मों को सिलता रहा।

जब भी ख़ामोशियों ने घेरा मुझे,
तुम्हारा ज़िक्र ही हौसला बनता रहा।

मुलाक़ात हो या बस यादों का सफ़र,
तुम्हारी बातें दिल में महकती रहीं।

#शांडिल्य

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