Thursday, July 23, 2026

सपनों की रोशनी में सफ़र हो गया,
हर एक ख़्वाब दिल का असर हो गया।

रात ने चुपके उम्मीद बोई थी जब,
सुबह का हर नज़ारा बशर हो गया।

हौसलों से जो सींचा था अरमान को,
वो अधूरा भी इक दिन शजर हो गया।

सपने सच हों, यही है दुआ उम्र भर,
ज़िंदगी का यही तो हुनर हो गया।

#शांडिल्य

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