रेत पर ख़्वाबों का घरौंदा बना रखा है,
दिल ने टूटकर भी रिश्ता बना रखा है।
वक़्त की आँधियाँ सब कुछ उड़ा ले गईं,
हमने यादों में एक कोना बचा रखा है।
छत नहीं, दीवार नहीं, फिर भी देखो,
तेरी उम्मीद को सहारा बना रखा है।
टूट जाता है हर इक ख़्वाब यहाँ,
फिर भी आँखों में घरौंदा बना रखा है।
#शांडिल्य
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