Thursday, October 29, 2026

नज़र में तुम, ख़यालों में तुम, 
मेरे हर एक सवालों में तुम।

चाँद में देखूँ तो चेहरा तुम्हारा, 
फूल की हर अदा में हो तुम।

लाख चाहूँ कि भूल जाऊँ तुम्हें, 
मेरी हर भूल में भी हो तुम।

#शांडिल्य

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