Sunday, February 16, 2025

तुमसे मिलने को दिल ये मचलता रहा
याद में दिल तुम्हारी ही जलता रहा।

कट रही रात तेरी ज़ुदाई में ये
मेरी आंखों से सावन बरसता रहा।

किस कदर संगदिल आपका हो गया
मोम जैसा मेरा दिल पिघलता रहा ।

चांदनी रात दिल को जलाती रही
मेरी हालत पे  ये चांद हंसता रहा।

~~~~ सुनिल #शांडिल्य

Friday, February 14, 2025

तेरी याद में ज़रा आँखें भिगो लूँ
उदास रात की तन्हाई में सो लूँ

अकेले ग़म का बोझ अब संभलता नहीं
अगर तू मिल जाये तो तुझसे लिपट कर रो लूँ

आंसुओं की बूँदें हैं या आँखों की नमी है
न ऊपर आसमां है न नीचे ज़मी है

यह कैसा मोड़ है ज़िन्दगी का
उसी की ज़रूरत है और उसी की कमी है

~~~~ सुनिल #शांडिल्य

Monday, February 10, 2025

प्रिय। 
सुखद संसार हो तुम और पहला प्यार हो तुम। 
गीत में जो बह रहे हो भावना की धार हो तुम।।

जब पुकारू मैं तुम्हें तो तुम ह्रदय के पास आना
मौन को जो सुन सके प्रिय वो मधुर एहसास लाना

हो अलौकिक नेह की निधि जिन्दगी का सार हो तुम।
गीत में जो बह रहे हो भावना की धार हो तुम।।

~~~~ सुनील #शांडिल्य

Friday, February 7, 2025

प्रिय !!! लिखकर नीचे लिख दूँ नाम तुम्हारा
कुछ जगह बीच मे छोड़ नीचे लिख दूँ सदा तुम्हारा

लिखा बीच मे क्या? ये तुमको पढ़ना है
कागज़ पर मन की भाषा का अर्थ समझना है

जो भी अर्थ निकालोगे तुम वो मुझको स्वीकार
नैन झुके,मौन अधर, कोरा कागज़ अर्थ सभी का प्यार!!

~~~~ सुनिल #शांडिल्य

Thursday, January 30, 2025

नैना तेरे छैल छबीले
मनमोहक हैं बड़े नशीले
इनमें गहरे राज की बातें
ख्वाबों में  हैं ये बतियाते
बयाँ करते अंदाज़ रंगीले।
जब जब इनमें झांका हमने
खुद को  ही है ताका हमने
सुंदर  हैं  ये बड़े सजीले।
मनमोहक हैं बड़े नशीले ।।

~~~~ सुनिल #शांडिल्य

Monday, January 27, 2025

इन दिनों घर बसाने की फ़िक्र में   
हरकत तेज हुई है, चिड़ियों की ! 

गजब का हुनर उनका, 
तिनके चुनना,तिनका तिनका जोड़ना, 

बच्चों का पोषण,भविष्य की हिफाजत की फिक्र 
कुछ भी कभी भूलती नहीं चिडिया, 

जिम्मेदारियां अपनी टालती नहीं 
कुछ मौसम बदलने से भी !

~~~~ सुनिल #शांडिल्य
जबसे वो बनने संवारने लगी हैं।
बहुत खूबसूरत वो लगने लगी हैं।।

लगती जन्नत की वह तो हूर जैसी।
सबकी नजर उसपर टिकने लगी हैं।।

धड़कती है धड़कन जब देखे उसे हम।
देखते है तो नजरे बहकाने लगी हैं।।

खुदा का करम है  ग़ज़ब हुस्ना तेरा।
दिन-ब-दिन और‌‌ तू निखरने लगी हैं।।

~~~~ सुनिल #शांडिल्य