Thursday, January 30, 2025
नैना तेरे छैल छबीले
मनमोहक हैं बड़े नशीले
इनमें गहरे राज की बातें
ख्वाबों में हैं ये बतियाते
बयाँ करते अंदाज़ रंगीले।
जब जब इनमें झांका हमने
खुद को ही है ताका हमने
सुंदर हैं ये बड़े सजीले।
मनमोहक हैं बड़े नशीले ।।
~~~~ सुनिल #शांडिल्य
Monday, January 27, 2025
इन दिनों घर बसाने की फ़िक्र में
हरकत तेज हुई है, चिड़ियों की !
गजब का हुनर उनका,
तिनके चुनना,तिनका तिनका जोड़ना,
बच्चों का पोषण,भविष्य की हिफाजत की फिक्र
कुछ भी कभी भूलती नहीं चिडिया,
जिम्मेदारियां अपनी टालती नहीं
कुछ मौसम बदलने से भी !
~~~~ सुनिल #शांडिल्य
जबसे वो बनने संवारने लगी हैं।
बहुत खूबसूरत वो लगने लगी हैं।।
लगती जन्नत की वह तो हूर जैसी।
सबकी नजर उसपर टिकने लगी हैं।।
धड़कती है धड़कन जब देखे उसे हम।
देखते है तो नजरे बहकाने लगी हैं।।
खुदा का करम है ग़ज़ब हुस्ना तेरा।
दिन-ब-दिन और तू निखरने लगी हैं।।
~~~~ सुनिल #शांडिल्य
Wednesday, January 22, 2025
तेरी एक झलक पाने की खतिर ऐसे तरसे !
जैसे बिन मौसम के ज़मी पे बादल बरसे !
सुबह से शाम हुई तेरे आने के इंतेजार मे !
आंखे ढूब गई दिव्या दर्शन के दीदार मे !
ऐसे जूल्म सितम ना किया करो मेरे साथ !
बस दिख ही जाया करो चाहे दिन हो य़ा रात !
~~~~ सुनिल #शांडिल्य
Tuesday, January 21, 2025
आपकी याद आती रही रात भर
रागिनी गुनगुनाती रही रात भर।
शम्मा बेचैन थी कुछ परेशाँ भी थी
उसकी लौ टिमटिमाती रही रात भर।
एक तन्हा सी शब थी उदासी मेरी
चूडियां खनखनाती रहीं रात भर।
चाँद उलझा रहा उलझनों मेंं कहीं
चाँदनी मुस्कुराती रही रात भर।
~~~~ सुनिल #शांडिल्य
Friday, January 17, 2025
तु जरा तो समझ इत़नी भोली न बन,
अब तो आजा तडपता है ये मेरा मन।
तुने आने का वादा किया था सनम
आजा आजा तुझे प्यार की है कसम।।
देखते तेरा रास्ता मेरे ये नयन
तु जरा तो समझ इतनी भोली न बन
तुने सोचा ना वो काम कर दूंगा में
जिन्दगी को तेरे नाम कर दूंगा में
~~~~ सुनिल #शांडिल्य
Thursday, January 9, 2025
शबनम की बूँदे पंखुड़ियों पर चमक रही हैं,
खिल रही हैं कलियाँ फिजायें महक रही हैं |
सुबह की धूप छनकर जैसे हौले से आ रही,
पक्षियों के कलरव से साखायें चहक रही हैं |
सरका क्या ऑंचल धीरे से उसके कंधे से,
ठिठक गयी नज़रें पर एहसासें बहक रही हैं |
~~~~ सुनिल #शांडिल्य
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