Friday, May 30, 2025

मखमली कोहरा गुलाबी चेहरा
प्यासी निगाहों पे सर्दसा पैहरा

गुनगुनी धूपसी मीठी यादें
दिलमें इक हूल उठायें गहरा

शाख पे शबनम लिपट युँ जाती है
ज्यूँ पुरवइया पहाड़ों पे गाती है

पायलकी झंकार दे पुकारले अबतो
कुछ हसीं लम्हे उधार दे अबतो

सब वादे चल असल करलें 
चल पहाड़ों को अपना घर करले

#शांडिल्य

Thursday, May 29, 2025

आत्मिक प्रेम है तुमसे मानसिक प्रेम है तुमसे,
देह पूर्णतः गौण है इसमें स्वार्थ भी मौन है इसमें !!

दैहिक स्पर्श से अधिक मानसिक स्पर्श है तुमसे,
समक्ष उपस्थित नहीं हो स्मरण संवाद है तुमसे!!

आर्कषण नहीं तुमसे आत्मा के नव कोपल हो,
मन की मरुभूमि में स्थित दुर्लभ श्वेत कमल हो!

#शांडिल्य

Tuesday, May 27, 2025

हसीन ख्वाबों सी मुकम्मल 
हकिकत तू मेरे जिंदगी की

मुलाकात भले ही मुमकिन नहीं
मगर जुड़े हुए हैं दिल से दिल ए हमनशीं

यादों पर पहरे तेरे अक्स के सभी
ओर जहन में तेरा नूर आफरिन

मुलाकातें तुम से ख्वाबों में रोज की
ओर नींद से दुश्मनी हमारे हर सुबह की

#शांडिल्य

Sunday, May 25, 2025

खास नही कुछ भी यहा
सब छूट जाना ही है यहा
फिर काहे सोचे इतना यहा
रह जाना है जब सब यहा

सोच-सोच क्यो कुंठाये यहा
प्रकृति का सिर्फ सब है यहा
मूल प्रकृति अपनी जाने यहा
यही उद्देश्य जीवन का है यहा

#शांडिल्य

Saturday, May 24, 2025

तू ही सुकून,तू ही आदत है मेरी,
तुझसे मेरी हर ख़ुशी,तू ही राहत  है मेरी.!

जिसे कभी खो न सकूँ...
तू वो चाहत है मेरी...!

अब न कोई ख़्वाहिश बची है.
तू दुआ में मिली सबसे बड़ी इबादत है मेंरी.!

#शांडिल्य

Friday, May 23, 2025

रात अब गहरी हो चली पलकें भारी है,
आंखों पर मगर ख्वाबों की पहरेदारी है..

मंजिल के दीदार में अभी वक्त लगेगा,
उसी वक्त के इंतजार में सफ़र जारी है

हालात हक में हों या खड़े हों मुकाबिल 
हर जंग में फतह करना मेरी जिम्मेदारी है

#शांडिल्य

Thursday, May 22, 2025

एक चांद है आसमान में
दूसरा बाहों में मेरी..

एक घटा भादो के बादल
दूसरा जुल्फों में तेरी..

एक भूलभुलैया आँखो में मेरी
दूसरा आंखों में तेरी..

एक नशा गालिब की ग़ज़लें
दूसरा बातों में तेरी.....!!!!

#शांडिल्य

Tuesday, May 20, 2025

मेरे तुम्हारे दरमियां 
कैसे कहूँ कोई रिश्ता नहीं, 
जब भी लिखता हूँ, 
कलम से बयां तुम हो जाती हो,
रूह से महसूस होती हो मुझे, 
हर वक्त हर लम्हे में, 
कैसे कहूँ तुम्हे, 
तुम मेरी कुछ भी नहीं... ....??💞

#शांडिल्य

Saturday, May 17, 2025

नज़ाकत भरी है अदा आपकी,
हिफ़ाज़त करे अब ख़ुदाआपकी।

पिए बिन नशा हो रहाआज तो,
निगाहें बनी मयकदा आपकी।

हज़ारों नज़र ख़ूबसूरत मगर,
अदाएँ सभी से जुदा आपकी।

भुलाना नहीं ज़िंदगी में कभी,
हमें चाहिए बस रज़ा आपकी।

#शांडिल्य